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Thursday, 26 March 2009

नव संवत्सर २०६६

भारतीय काल-गणना के अनुसार चैत्र शुक्ला प्रतिपदा से नव-वर्ष का प्रारंभ होता है। एक मात्र गुजराती परम्परा को छोड़ दें, जिसमें दिवाली के दूसरे दिन को नव-वर्ष का पहला दिन माना जाता है; तो शेष सम्पूर्ण भारत में नव-वर्ष का प्रारंभ चैत्र शुक्ला प्रतिपदा से ही होता है। भारतीय मान्यताओं के अनुसार ब्रह्माजी ने इसी दिन सृष्टि का निर्माण करना प्रारम्भ किया। मर्यादा पुरुषोत्तम राम इसी दिन अयोध्या नरेश बने। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉक्टर केशवराव बलिराम हेडगेवार का जन्म दिवस, महर्षि गौतम की जयंति एवं आर्य समाज का स्थापना दिवस इसी दिन मनाया जाता है। अन्तिम जैन तीर्थंकर भगवान् महावीर के परिनिर्वाण की स्मृति में चलाया गया वीर संवत २५३६ भी आज प्रारंभ हुआ। आज के दिन के साथ जुडी भारतीय परम्पराओं एवं मान्यताओं की सूची यहीं समाप्त नहीं होती। द्वापर युग की समाप्ति के पश्चात कलयुग को प्रारम्भ हुए ५११० वर्ष पूर्ण हो कर आज ५१११ वां वर्ष शुरू हुआ। महाराजा विक्रमादित्य ने शकों को पराजित करनेकी खुशी और यादगार में इस दिन से नए संवत्सर का शुभारम्भ किया जो विक्रम संवत के नाम से आज भी प्रचलित है। इस घटना को २०६५ वर्ष हो गए।

समस्त देशवासियों को भारतीय नव-वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें !

नव-वर्ष के प्रथम सूर्योदय की स्वर्ण-रश्मियों के दिव्य स्पर्श को अनुभव करते हुए आप भी अपने इष्ट-मित्रों को शुभकामनायें अवश्य दें ! और हाँ, चूंकि यह भारतीय नव-वर्ष है इसलिए सूर्योदय के साथ प्रारम्भ होता है, आधी रात से नहीं।

नव संवत्सर देश को ऐसा करे निहाल।
खुशियाँ छप्पर फाड़ कर करदे मालामाल॥
करदे मालामाल बजादे ऐसा डंका।
रावण-वध कर राम जीत आए ज्यों लंका॥
अन्न और धन का लगे हर घर में अम्बार।
कृषि, उद्योग फूले फले खूब बढे व्यापार॥

जय भारत ! जय भारती ! !

Wednesday, 25 March 2009

उनसे मिलने से पहले

उनसे मिलने से पहले तड़पन सी होती है
मिल कर बिछ्डो दिल में एक चुभन सी होती है

Tuesday, 24 March 2009

इतनी सी यह बात

इतनी सी यह बात समझ लें हंगामा करने वाले
कोस-कोस कौए मर जाएँ बैल नहीं मरने वाले

Monday, 23 March 2009

चन्द तिनकों के सहारे

चन्द तिनकों के सहारे मैं यहाँ तक आ गया
बरगदों की छाँव में जब भी गया घबरा गया

Friday, 20 March 2009

गए थे पास उनके

गए थे पास उनके पर उन्हें मिल कर नहीं आए
बहुत कुछ था जुबां पर पर उन्हें कह कर नहीं आए

Wednesday, 18 March 2009

चुटकी में

बदलता है भला ऐसे कभी व्यवहार चुटकी में
लड़ो भी एक पल में और कर लो प्यार चुटकी में

Tuesday, 17 March 2009

परम्परा

परम्परा निर्वाह करेंगे अपना फ़र्ज़ निभाएंगे
जो बातें ख़ुद समझ न पाये बच्चों को समझायेंगे

Sunday, 15 March 2009

नौका टूटे नाविक रूठे

नौका टूटे नाविक रूठे छूटे साथ किनारों का
दीवाना हूँ दीवाने को डर कैसा मंझधारों का

Tuesday, 10 March 2009

होली

सूरज लाल चाँद ले पीला आए मेरे द्वार।
बोले आओ यार मनाएं होली का त्यौहार।
मैंने बोला यह आमंत्रण मुझे नहीं स्वीकार।
जाओ पहले लेकर आओ संग में मेरा यार।
क्यों ? ठीक किया ना?
होली की बहुत बहुत शुभ कामनाएं !!!

Sunday, 8 March 2009

टेढी मेढी चाल

टेढी मेढी चाल सितारे छोड़ सकें तो अच्छा है

या फिर हम उन चालों का रुख मोड़ सकें तो अच्छा है

Saturday, 7 March 2009

नादानी है

पहले ऊंची जात कहूं तो नादानी है
फिर अपनी औकात कहूं तो नादानी है